गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में टिफिन से लेकर ड्रग्स तक, दीक्षांत समारोह में भड़कीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हॉस्टल की टिफिन व्यवस्था और नशे की आशंका पर कड़ी नाराजगी जताई।
केंद्रीय संपादकीय डेस्क • शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 | 04:34 AM
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने मंच से ही यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों की व्यवस्था पर कड़े सवाल उठा दिए। उनका यह संबोधन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि लड़कियों के हॉस्टल में मेस की सुविधा है, जबकि लड़कों के हॉस्टल में बाहर से टिफिन मंगवाया जाता है। उन्होंने इसी क्रम में हॉस्टल में नशे की आशंका, इंटरनेट न चलने, बिजली की दिक्कत और सफाई से जुड़ी कमियों का भी जिक्र किया।
"टिफिन में खाना आएगा तो उसमें ड्रग्स भी आ सकती है, टिफिन में सब कुछ आ सकता है।" — आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल, उत्तर प्रदेश
हॉस्टल की व्यवस्था पर राज्यपाल के तीखे सवाल
राज्यपाल ने समारोह में कहा कि जब लड़कियों के हॉस्टल में मेस की व्यवस्था चल सकती है, तो लड़कों के हॉस्टल में यह सुविधा क्यों नहीं है। उन्होंने पूछा कि बाहर से टिफिन मंगाकर खाना क्या वाकई ठीक लगता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर वह शहर है जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं रहते हैं, ऐसे में वहां की यूनिवर्सिटी में इस तरह की खामियां होना उचित नहीं है। राज्यपाल ने साफ कहा कि कुछ लोगों को उनकी बातें अच्छी न लगें, लेकिन कमियां बताना उनका दायित्व है।
टिफिन में ड्रग्स की आशंका, राज्यपाल ने जताई चिंता
राज्यपाल ने संबोधन में कहा कि बाहर से मंगाए जाने वाले टिफिन में नशीले पदार्थ आने की आशंका बनी रहती है, इसलिए इस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यूनिवर्सिटी को खुद खाना पकवाने या बाजार से सामग्री मंगवाकर व्यवस्था करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने हॉस्टलों में इंटरनेट सेवा बंद रहने, बिजली से जुड़ी दिक्कतों और सफाई व्यवस्था की खामियों का भी उल्लेख किया। राज्यपाल के अनुसार, इन समस्याओं का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और सेहत दोनों पर पड़ता है।
राज्यपाल ने खुद किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
आनंदीबेन पटेल ने बताया कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रवास के दौरान उन्होंने खुद जाकर हॉस्टल की स्थिति देखी। उन्होंने खाना बनाने और सप्लाई करने वालों को बुलाकर सैंपल की जांच भी करवाई और अधिकारियों को इसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि वे यह बात केवल राज्यपाल के तौर पर नहीं, बल्कि एक मां की तरह कह रही हैं कि बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपने और आने वाले तीन महीनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ राज्यपाल का भाषण
दीक्षांत समारोह के दौरान दिया गया राज्यपाल का यह भाषण अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। कई यूजर्स ने उनके इस रुख को छात्रों के हित में उठाया गया कदम बताया है, वहीं कुछ लोग इसे यूनिवर्सिटी प्रशासन की सार्वजनिक आलोचना के तौर पर देख रहे हैं।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से राज्यपाल के इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है और मामले में आगे की कार्रवाई राजभवन के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
लेखक परिचय
लेखक: विशेष संवाददाता, देश की पत्रिका
विशेषज्ञता: उत्तर प्रदेश राजनीति एवं चुनावी विश्लेषण
संपादकीय नोट: यह लेख उपलब्ध जानकारी, स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं और सार्वजनिक दावों के आधार पर तैयार किया गया है। उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा भारतीय जनता पार्टी द्वारा अभी नहीं की गई है।
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