'नकारात्मक ताकतें जाति के नाम पर समाज को बांटेंगी': CM Yogi Adityanath Caste Statement पर बोले- विभाजन नहीं होने देना
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • मंगलवार, 22 सितंबर 2026 | 01:18 PM
हालिया मेरठ दौरे के दौरान CM Yogi Adityanath caste statement ने देश के राजनीतिक हलकों में एक नई चर्चा छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि नकारात्मक ताकतें एक बार फिर जाति के नाम पर समाज को बांटने और महापुरुषों के महत्व को सीमित करने का प्रयास करेंगी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में आयोजित पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुष संपूर्ण समाज की धरोहर होते हैं और उन्हें किसी विशेष जाति की परिधि में बांधना उनके योगदान का अपमान है। प्रदेश में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के सुदृढ़ वातावरण के बीच, जैसे हाल ही में यूपी में सुरक्षा व्यवस्था और नेताओं की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण नीतियां बनाई गई हैं, वैसे ही सामाजिक समरसता को बनाए रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
जातिगत विभाजन और महापुरुषों के सम्मान पर बड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की क्रांतिधरा से कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि negative ताकतें क्षेत्र, भाषा और जाति के नाम पर समाज में दरार डालने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महारणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और दुर्गा भाभी जैसे राष्ट्रनायक संपूर्ण देश के लिए आदरणीय हैं। सरकार ने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर का भव्य स्मारक बनाकर उनके योगदान को अमर किया है। मुख्यमंत्री ने बल देकर कहा कि महापुरुषों को जातीय आधार पर बांटने के पाप को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस सामाजिक विभाजन को रोकने का दायित्व शक्ति केंद्र संयोजकों और भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का है।
‘मंथरा बुद्धि’ पर हमला और नए भारत की दृष्टि
सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने स्वार्थी राजनीतिक दृष्टिकोण की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘मुझे क्या, मुझे क्या’ की सोच रखते हैं, वे वास्तव में ‘मंथरा बुद्धि’ का परिचय देते हैं। इस उदासीन रवैये ने ऐतिहासिक रूप से देश को पहचान के संकट में डाला, पलायन को बढ़ावा दिया और किसानों को बदहाली की ओर धकेला। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय हुआ है, जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और वैश्विक मंचों पर पूरी निडरता के साथ अपनी बात रखता है। हमारी सांस्कृतिक जड़ों और सनातन संस्कृति एवं गुरु परंपरा का सम्मान करते हुए नए भारत ने अपनी अस्मिता को पुनः प्राप्त किया है।
कट्टा-बंदूक से निकलकर तकनीकी व खेल क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश
मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अभूतपूर्व बदलाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस क्षेत्र में कट्टा-बंदूक की राजनीति का अंत हो चुका है। आज मेरठ में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही है, जिसने पारुल चौधरी जैसे अंतरराष्ट्रीय एथलीटों को नई दिशा दी है। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का लोहा अब दुनिया मान रही है, ठीक उसी तरह जैसे हाल ही में प्रदेश के खिलाड़ियों की वैश्विक सफलता ने राज्य का नाम रोशन किया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में 12-लेन का एक्सप्रेसवे, नमो भारत ट्रेन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स से उत्तर प्रदेश देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बन चुका है। आज भारत के 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और 55 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
बीमारू राज्य से टॉप-थ्री अर्थव्यवस्था का सफर
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि पिछले सात वर्षों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जबकि पारंपरिक उद्योगों के माध्यम से 3 करोड़ 25 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। दंगाइयों पर सख्त कार्रवाई के कारण आज प्रदेश पूरी तरह से कर्फ्यू-मुक्त हो चुका है। कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ के लिए पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के माध्यम से अपनी पहचान बना रहा है। मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ जैसे स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग की जा रही है। विकास की इस रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को उत्तर प्रदेश में पर्यावरण और विकास की नई दिशा के तहत देखा जा सकता है।
विरोधी दलों की तुष्टिकरण राजनीति का जवाब और कार्यकर्ताओं की भूमिका
विपक्षी दलों पर करारा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में दंगे कराने वालों और माफियाओं को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाते थे और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने संस्थानों के नाम बदल दिए जाते थे। लेकिन वर्तमान डबल इंजन सरकार ने बाबा साहेब आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों का भव्य सौंदर्यीकरण कराया है। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रनायकों के सम्मान और विरासत की रक्षा के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ बताते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए हर बूथ को मजबूत करने और शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता प्रत्याशी या लक्ष्य देखकर नहीं, बल्कि कमल का फूल खिलाने के संकल्प के साथ काम करते हैं।
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