दिल्ली सरकार ने खत्म की 20 साल पुरानी B&B पॉलिसी, नए स्ट्रक्चर की तैयारी
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 | 06:19 PM
Delhi Bed and Breakfast policy ended: राष्ट्रीय राजधानी में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) को एक नई दिशा देने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दो दशक पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट यानी बी एंड बी पॉलिसी को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था में व्याप्त कमियों को दूर करना और केंद्र सरकार के नए रेगुलेटरी ढांचे का अध्ययन कर उसे अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनाना है। हाल ही में दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस नीति को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजधानी के पर्यटन उद्योग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस बीच, राजधानी की अन्य प्रशासनिक खबरों में दिल्ली: SIR प्रक्रिया के तहत CM Rekha Gupta notice पर चुनाव आयोग ने दी बड़ी सफाई, जानें पूरा मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्यों खत्म की गई दो दशक पुरानी बी एंड बी पॉलिसी?
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस नीति को समाप्त करने के पीछे के ठोस कारणों को सदन के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2007 में लागू की गई यह पुरानी नीति मौजूदा समय की आवश्यकताओं के लिहाज से अप्रसंगिक हो चुकी थी। पिछले दो दशकों में ऑनलाइन होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। इसके अलावा, पुरानी नीति में कई गंभीर कमियां और खामियां थीं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।
मंत्री सिरसा ने विशेष रूप से मालवीय नगर में हुई एक दुखद आग की दुर्घटना का हवाला दिया, जिसमें कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में पर्यटन और आतिथ्य सेवाओं के संचालन के लिए सुरक्षा मानक सर्वोपरि हैं। सरकार अब व्यवसाय में सुगमता यानी 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और कड़े सुरक्षा नियमों के पालन के बीच एक संतुलित ढांचा स्थापित करना चाहती है। नागरिकों की आवाजाही से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी नजर डालें तो, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नहीं दिया जा रहा है दिल्ली मेट्रो स्मार्ट कार्ड, बढ़ी यात्रियों की मुसीबत जैसी समस्याएं भी जनता के सामने आ रही हैं।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान और आगामी रूपरेखा
सदन में चर्चा के दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार का कठोर या दमनकारी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क थोपने के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय, एक ऐसा दीर्घकालिक और व्यावहारिक ढांचा तैयार किया जा रहा है जो पर्यटकों और गृह स्वामियों दोनों के लिए फायदेमंद हो। नीति के परिणामों का गहन विश्लेषण करने के बाद दिल्ली के अनुकूल एक आधुनिक नीति लागू की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए प्रावधानों के तहत जन स्वास्थ्य, सुरक्षा, नगरपालिका प्रशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सभी कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
त्योहारों और जनता की अन्य सुविधाओं के बीच सरकार कई कल्याणकारी योजनाओं पर भी काम कर रही है, जैसे दिल्ली में ₹2500 वाली योजना लागू, रक्षाबंधन पर मिलेंगे पैसे। इन कदमों से स्पष्ट है कि सरकार प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ जनता को राहत देने वाले उपायों पर भी पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। अन्य राज्यों में भी इसी तरह के प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जैसा कि CM योगी आदित्यनाथ ने उचित दर विक्रेताओं का लाभांश 35 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया। जानें सिंगल स्टेज डिलीवरी और ई-पॉस फीडबैक प्रणाली की पूरी जानकारी। के मामले में सामने आया है।
नए कानून के आने तक के लिए अंतरिम प्रावधान
पुरानी बी एंड बी पॉलिसी को रद्द करने और नए कानून के पूर्ण रूप से लागू होने के बीच की अवधि के लिए सरकार ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में इस नीति के तहत नए पंजीकरण और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक रहेगी। इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन, प्रमाण पत्र जारी करने और शिकायतों के निपटारे से जुड़े तमाम मामले अब नई प्रस्तावित नीति के तहत ही हैंडल किए जाएंगे। हालांकि, पुरानी नीति के तहत शुरू की गई किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या कानूनी प्रक्रिया पुराने नियमों के प्रावधानों के अनुसार ही जारी रहेगी।
त्योहारी सीजन को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए भी प्रशासन मुस्तैद है, जिसके तहत रक्षाबंधन पर रेलवे का तोहफा, चलेंगी 14 स्पेशल ट्रेनें, दिल्ली-NCR से कहां-कहां जाएंगी? जैसी घोषणाएं यात्रियों को बड़ी राहत दे रही हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दलों द्वारा प्रशासनिक नीतियों पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं, जैसा कि 'रक्षाबंधन पर BJP की फ्री बस सेवा भी जुमला निकली', योगी सरकार पर बरसे अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया से स्पष्ट होता है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार द्वारा दो दशक पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी को समाप्त करना पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक साहसिक और आवश्यक कदम है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे होमस्टे और होटलों पर लगाम कसने के साथ-साथ, केंद्र सरकार के नए स्ट्रक्चर का अध्ययन करके एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने की यह पहल सराहनीय है। आने वाले दिनों में जब नई और उन्नत नीति लागू होगी, तो इससे न केवल पर्यटकों को सुरक्षित आवास मिलेगा बल्कि दिल्ली के टूरिज्म सेक्टर को एक नई वैश्विक पहचान भी मिलेगी। 'देश की पत्रिका' इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार पैनी नजर बनाए रखेगी और हर अपडेट अपने पाठकों तक पहुंचाती रहेगी।
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