सीएम योगी के नेतृत्व में शिखर पर पहुंचा गन्ना व चीनी उद्योग, राष्ट्रीय स्तर पर यूपी की 08 सहकारी मिलें सम्मानित
संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • शनिवार, 26 सितंबर 2026 | 01:44 PM
नई दिल्ली / लखनऊ: योगी सरकार गन्ना और चीनी उद्योग विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश के चीनी उद्योग और गन्ना किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। इसी क्रम में, नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह' में उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश का परचम
राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस वार्षिक पुरस्कार समारोह में देशभर की सहकारी चीनी मिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। संघ की ओर से प्रत्येक वर्ष गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन और समग्र प्रदर्शन जैसे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली मिलों को दक्षता पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की कार्यक्षमता और दक्षता में निरंतर सुधार करना है।
प्रदेश में कृषि और उससे संबद्ध उद्योगों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिस प्रकार मुख्यमंत्री अपने गोरखपुर में जनता दर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से जनसमस्याओं और किसान कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हैं, उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है कि राज्य की चीनी मिलों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
वर्ष 2024-25 के पुरस्कारों में यूपी की प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2024-25 के लिए घोषित राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कारों में बिजनौर जिले की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद ने सभी मानकों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 'समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल' का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मिलें:
- गन्ना विकास: लखीमपुर खीरी की सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां को गन्ना विकास क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- चीनी परता (रिकवरी दर): अमरोहा स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला को चीनी परता (शुगर रिकवरी) में उल्लेखनीय सुधार के लिए पुरस्कृत किया गया।
- वित्तीय प्रबंधन: बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार हासिल किया।
वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी फहराया परचम
उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों का यह शानदार प्रदर्शन केवल एक वर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्ष 2025-26 के लिए घोषित पुरस्कारों में भी राज्य की चार अन्य सहकारी मिलों ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
- गन्ना विकास (पश्चिमी उत्तर प्रदेश): मुजफ्फरनगर की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना को उत्कृष्ट गन्ना विकास कार्यों के लिए चुना गया।
- तकनीकी दक्षता: बागपत की रमाला सहकारी चीनी मिल तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव को उनकी बेहतरीन तकनीकी दक्षता के लिए सम्मानित किया गया।
- वित्तीय अनुशासन: शाहजहांपुर की दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां को पारदर्शी और कुशल वित्तीय प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया।
यद्यपि राज्य सरकार विकास कार्यों और किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, फिर भी राजनीतिक पटल पर विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चाएं चलती रहती हैं। पूर्व में जहां विपक्षी दलों ने कुछ कल्याणकारी योजनाओं की आलोचना करते हुए योगी सरकार पर हमले बोले थे, वहीं सरकार का ध्यान विकास और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित रहा है। हाल ही में जब सीएम योगी से मुलाकात के बाद राजनीतिक कयासबाज़ी पर विराम लगा था, तब भी यह संदेश स्पष्ट हुआ कि शासन का मुख्य लक्ष्य जनकल्याण और औद्योगिक विकास है।
तकनीकी आधुनिकीकरण और किसान कल्याण
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ-साथ चीनी मिलों की पेराई क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। चीनी मिलों में आधुनिक एथेनॉल संयंत्रों की स्थापना और डिजिटल गन्ना पर्ची प्रणाली से किसानों का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ स्थिति और प्रशासनिक पारदर्शिता ने भी इस क्षेत्र को संबल दिया है। कानून के शासन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है, जिसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिला जब एक आपत्तिजनक ईमेल मामले में हाईकोर्ट का फैसला आया था।
सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को साथ लेकर चलने वाली प्रदेश सरकार ने हमेशा किसान-केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता दी है। हाल ही में संपन्न रक्षाबंधन स्नेह बंधन कार्यक्रम के दौरान भी मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।
वरिष्ठ नेतृत्व ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह तथा संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सभी सम्मानित मिलों के प्रबंध तंत्र, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी है। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान प्रदेश की अन्य मिलों को भी अपनी दक्षता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।
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