🇮🇳 भारत | शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 | 08:42 PM
देश की पत्रिका
ब्रेकिंग न्यूज़

UP: नुजहत फातिमा पत्र मुख्यमंत्री योगी को भेज बोलीं- 'अब एकाग्र होकर कर रही हूं पढ़ाई', 1 लाख बच्चों के बदले दिन

Desh Ki Patrika Desk
Desh Ki Patrika Desk

संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • सोमवार, 28 सितंबर 2026 | 09:28 AM

⏱️ 4 मिनट पढ़ें
UP: नुजहत फातिमा पत्र मुख्यमंत्री योगी को भेज बोलीं- 'अब एकाग्र होकर कर रही हूं पढ़ाई', 1 लाख बच्चों के बदले दिन
शेयर करें:

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में कक्षा सात की छात्रा नुजहत फातिमा पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम लिखकर अपनी असीम खुशी जाहिर की है। देवीपाटन मंडल में प्रशासनिक पहल के तहत चलाए गए विशेष अभियान में जब गरीब और मेधावी बच्चों के घरों में पढ़ाई के लिए नई स्टडी टेबल पहुंची, तो मासूमों के चेहरे खिल उठे। इस कल्याणकारी योजना से अभिभूत होकर स्कूली छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री को हस्तनिर्मित आभार पत्र और रंगीन रेखाचित्र भेजे हैं, जो अब प्रशासनिक गलियारों और जनमानस में सराहना का केंद्र बने हुए हैं।

शिक्षा की नई उड़ान: स्टडी टेबल से सजा बच्चों का अपना कोना

देवीपाटन मंडल में 'शिक्षा की उड़ान' अभियान के अंतर्गत लगभग एक लाख स्कूली छात्र-छात्राओं को स्टडी टेबल बांटी गई हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जिन बच्चों के पास पहले बैठकर व्यवस्थित रूप से पढ़ने की सुविधा नहीं थी, उनके लिए यह टेबल घर में एक समर्पित स्टडी स्पेस बन चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस योजना का मुख्य ध्येय परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देना है। ठीक उसी प्रकार जैसे जनहित और सामुदायिक विकास कार्यों से आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है, इस पहल ने सीधे तौर पर नौनिहालों के अध्ययन की नींव मजबूत की है।

नुजहत फातिमा, स्वाती और सबा ने पत्र में जताई खुशी

बलरामपुर की रहने वाली कक्षा सात की छात्रा नुजहत फातिमा पत्र मुख्यमंत्री योगी के नाम नीले चार्ट पेपर पर तैयार करके अपना आभार व्यक्त किया। नुजहत ने अपने पत्र में लिखा कि स्टडी टेबल मिलने के बाद अब वह पहले से अधिक एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई कर पा रही है। उसने अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए रंगीन पेंसिलों से एक पढ़ती हुई छात्रा का सुंदर चित्र भी उकेरा है।

इसी क्रम में, कक्षा छह की छात्रा सबा ने अपने पत्र में लिखा, "पहले नीचे बैठकर पढ़ने में मेरी पीठ में बहुत दर्द होता था और काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब स्टडी टेबल मिलने से मुझे पढ़ाई में बहुत सहूलियत हो गई है।" सबा ने पत्र में 'सब पढ़ें-सब बढ़ें' का संदेश लिखा। वहीं, छात्रा स्वाती ने अपने पत्र को फूलों तथा पेंसिलों के चित्रों से सजाकर मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

बच्चों की रचनात्मकता में दिखे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के रंग

मासूमों द्वारा भेजे गए ये आभार पत्र केवल औपचारिक शब्द भर नहीं हैं, बल्कि इनमें बच्चों की अपार संवेदनशीलता और रचनात्मकता झलकती है। कई बच्चों ने मुख्यमंत्री का चित्र बनाकर उनके दोनों तरफ 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी' जैसे प्रेरक नारे लिखे हैं। यह पहल दर्शाती है कि जब शासन की योजनाएं पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतरती हैं, तो उनका जनमानसों पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। जिस प्रकार देश भर में जन-कल्याणकारी संकल्पों से समाज में जागृति आती है, उसी तरह उत्तर प्रदेश के इन सुदूर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की नई अलख जग रही है।

देवीपाटन मंडल के चार जिलों में 1 लाख स्टडी टेबल का वितरण

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'शिक्षा की उड़ान' अभियान के तहत निर्धारित एक लाख स्टडी टेबल वितरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल कर लिया गया है। इस अभियान में सबसे अधिक बहराइच जिले में 34,260 टेबल बांटी गईं। इसके अलावा गोंडा जिले में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती जिले में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं और शासकीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को घर पर अनुशासित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है। देश के अन्य क्षेत्रों जैसे पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य अथवा असम की शासन व्यवस्था में विभिन्न विकास मॉडलों पर चर्चा होती रहती है, ठीक उसी तरह उत्तर प्रदेश की यह पहल प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरी है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के प्रशासनिक सुधारों की भांति उत्तर प्रदेश का यह अभियान भी जमीनी सशक्तिकरण का नया मानक स्थापित कर रहा है।

निष्कर्ष: बुनियादी शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगी यह पहल

नुजहत फातिमा पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखकर जिस उत्साह को प्रकट किया है, वह राज्य के लाखों विद्यार्थियों की भावना का प्रतिनिधित्व करता है। ग्रामीण परिवेश के बच्चों को जब पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। देवीपाटन मंडल की यह शत-प्रतिशत सफलता यह साबित करती है कि सही नीयत और सुचारू क्रियान्वयन से प्राथमिक शिक्षा का स्तर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

Desh Ki Patrika Desk

देश की पत्रिका डिजिटल संपादकीय टीम। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता।