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सड़क के गड्ढे भरे या नहीं, खुद चेक करेंगे मुख्यमंत्री धामी; जानें आज चंपावत दौरे का पूरा विवरण

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संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार • रविवार, 18 अक्टूबर 2026 | 01:11 PM

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सड़क के गड्ढे भरे या नहीं, खुद चेक करेंगे मुख्यमंत्री धामी; जानें आज चंपावत दौरे का पूरा विवरण
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उत्तराखंड में मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और सड़कों को पूरी तरह सुचारू बनाने के कार्य का जायजा लेने के लिए सड़क के गड्ढे मुख्यमंत्री धामी खुद औचक निरीक्षण कर जांचने जा रहे हैं। राज्य के सुदूर और शहरी क्षेत्रों में निर्मित अथवा क्षतिग्रस्त मार्गों की जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अचानक राज्य के किसी भी जिले, तहसील या दूरस्थ क्षेत्र में पहुंचकर सड़कों की स्थिति का मुआयना कर सकते हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निरीक्षण के दौरान सड़कों पर गड्ढे मिले या फिर मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता पाया गया, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

1. मानसून से क्षतिग्रस्त सड़कों की जमीनी समीक्षा और 15 अक्तूबर की समयसीमा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाचार एजेंसी और मीडिया प्रतिनिधियों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान बताया कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा और पर्वतीय क्षेत्रों में हुए भूस्खलन के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे, विशेषकर सड़क मार्ग को व्यापक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों के दैनिक आवागमन, व्यापारिक गतिविधियों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़कों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ही लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा अन्य संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को 15 अक्तूबर तक प्रदेश की तमाम प्रमुख सड़कों को अनिवार्य रूप से गड्ढा मुक्त करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। अब इस निर्धारित समयावधि के बीत जाने के बाद, किए गए दावों की सच्चाई परखने के लिए सड़क के गड्ढे मुख्यमंत्री धामी स्वयं जमीनी स्तर पर सत्यापित करेंगे। औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के दावों और वास्तविक धरातलीय स्थिति के बीच का अंतर समाप्त करना है।

2. चंपावत दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री: कई विकास योजनाओं की सौगात

सड़क निरीक्षण के कड़े निर्देशों के साथ-साथ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को चंपावत जिले के प्रवास पर रहेंगे। चंपावत में आयोजित विभिन्न विकास कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री क्षेत्र को कई बड़ी परियोजनाओं का उपहार देंगे। दोपहर के समय आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

चंपावत में आज आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम:

  • नागार्जुन पार्क का लोकार्पण: पर्यटन एवं स्थानीय नागरिकों के भ्रमण हेतु नवनिर्मित नागार्जुन पार्क का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
  • खेल बुनियादी ढांचा विकास: अत्याधुनिक बैडमिंटन कोर्ट समेत अन्य निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
  • प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान: विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा एथलीटों को पुरस्कार और खेल किट का वितरण किया जाएगा।

प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर सरकार लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। देश के अन्य राज्यों में भी अवस्थापना सुधार और प्रशासनिक उत्तरदायित्व को लेकर गंभीर बहस चलती रही है। जैसे दिल्ली में जनसुविधाओं और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर प्रशासनिक व्यवस्था पर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए गए थे, उसी प्रकार उत्तराखंड में मुख्यमंत्री स्वयं स्थलीय निरीक्षण के जरिए तंत्र को जवाबदेह बना रहे हैं।

3. आगामी त्योहारों के मद्देनजर पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश

उत्तराखंड एक प्रमुख धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र है। आगामी त्योहारों के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों और मसूरी, नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। यात्रियों और स्थानीय जनता की सुरक्षा एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे को अतिरिक्त मुस्तैदी बरतने के आदेश दिए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और अंतरराज्यीय सीमाओं पर नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं संवेदनशील इलाकों का दौरा कर कानून-व्यवस्था का जायजा लें। पड़ोसी राज्यों की तरह ही उत्तराखंड में भी शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश लागू किए गए हैं, जैसा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक संवाद और व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश देखने को मिले थे।

4. गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना और 'जीरो टॉलरेंस' नीति

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य में पारदर्शी शासन और 'जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन' की नीति लागू है। सड़कों के निर्माण और गड्ढा मुक्त अभियान में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार अथवा घटिया सामग्री का उपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर उड़नदस्तों का गठन कर जिलों में औचक जांच करवाएं।

यदि किसी ठेकेदार या अधिकारी द्वारा मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती पाई जाती है, तो न केवल ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, बल्कि संबंधित अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दर्ज की जाएगी।

5. निष्कर्ष: जवाबदेह शासन की दिशा में एक ठोस पहल

सड़कों को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री का खुद सड़कों पर उतरने का निर्णय प्रशासनिक मशीनरी में तत्परता लाने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है। सड़क के गड्ढे मुख्यमंत्री धामी द्वारा खुद जांचने से न केवल लोक निर्माण विभाग में जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि आगामी त्योहारी सीजन में राज्य की यात्रा पर आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा। चंपावत दौरे से विकास कार्यों को गति मिलने के साथ-साथ यह संदेश भी स्पष्ट है कि जनहित के कार्यों में शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

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